घर पर माता की चौकी कैसे सजाये | Mata ki Chawki Decoration Ideas | नवरात्री स्पेशल

नवरात्री पर ऐसे सजाये माता की चौकी, श्रद्धा भर देगा मैया का प्यारा दरबार, देखने वाले कहेंगे वाह!

माता की चौकी एक धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है जो हिन्दू धर्म में विशेष महत्व रखता है। यह आयोजन विशेष रूप से देवी दुर्गा की उपासना के लिए किया जाता है। नवरात्रि के समय माता की चौकी का आयोजन करना अत्यंत शुभ माना जाता है। 

आमतौर पर, माता की चौकी नवरात्रि के पहले दिन या अमावस्या के दिन, जो नवरात्रि से एक दिन पूर्व आता है, सजाई जाती है। नवरात्रि के पहले दिन माता रानी की स्थापना कर पूरे नौ दिन तक उपासना की जाती है। यदि अमावस्या के दिन माता की चौकी सजाई जाती है, तो यह आयोजन नकारात्मक ऊर्जाओं को दूर करने और सकारात्मकता को आमंत्रित करने का एक तरीका माना जाता है।

माता की चौकी का महत्व 

माता की चौकी के आयोजन में देवी की प्रतिमा या तस्वीर को सजाया जाता है, भजन-कीर्तन किए जाते हैं और भक्तजन मिलकर देवी की आराधना करते हैं। यह आयोजन परिवार और समुदाय के लोगों को एक साथ लाने 
और सामूहिक रूप से धार्मिक आस्था प्रकट करने का एक अवसर प्रदान करता है।

माँ दुर्गा का मंत्र और भजन 

माता की चौकी सजाते समय, भक्तजन विभिन्न मंत्रों और भजनों का गायन करते हैं जो माँ दुर्गा की महिमा का गुणगान करते हैं। यहाँ कुछ प्रमुख मंत्र और भजन दिए गए हैं:

1. दुर्गा चालीसा: 

यह माता दुर्गा की स्तुति में एक महत्वपूर्ण पाठ है। इसे श्रद्धापूर्वक पढ़ने से माँ का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

2. मंत्र:

    "ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।" 
   "ॐ दुं दुर्गायै नमः।"

3. भजन:

    "जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।" 
यह भजन माँ दुर्गा की महिमा का प्रतीक है और भक्तों के बीच बहुत लोकप्रिय है।

  "अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली।" यह भजन माता की शक्ति और उनकी विभिन्न स्वरूपों का वर्णन करता है।

   "माँ शेरावाली तेरे दरबार में, सुख शांति मिलती है।" इस भजन से भक्तों को आंतरिक शांति और सुख का अनुभव होता है।

इन मंत्रों और भजनों के माध्यम से भक्तजन माँ की कृपा प्राप्त करते हैं और उनके जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। माता की चौकी के दौरान इनका गायन विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है।

माता की चौकी सजाने के लिए सामिग्री:

माता की चौकी को घर पर स्थापित करने के लिए निम्नलिखित वस्तुओं की आवश्यकता होती है:

1. माता की प्रतिमा या तस्वीर: यह माता की चौकी का मुख्य आकर्षण होती है। प्रतिमा या तस्वीर साफ-सुथरी और सजीव होनी चाहिए।

2. चौकी या मंच: माता की प्रतिमा या तस्वीर को रखने के लिए एक सजीव और स्वच्छ चौकी या मंच की जरूरत होती है।

3. लाल या पीला वस्त्र: चौकी को सजाने के लिए एक लाल या पीला कपड़ा आवश्यक होता है। इसे चौकी पर बिछाया जाता है।

4. फूल मालाएं: माता की प्रतिमा को सजाने के लिए ताजे फूलों की मालाएं तैयार रखनी चाहिए। 
5. अगरबत्ती और धूप: पूजा के दौरान सुगंध के लिए अगरबत्ती और धूप का उपयोग किया जाता है।

6. दीपक और घी/तेल: दीपक जलाने के लिए घी या तेल की आवश्यकता होती है। यह शुभता और प्रकाश का प्रतीक है।

7. कपूर: आरती के समय कपूर का जलाना आवश्यक होता है।

8. नारियल और मिठाई: प्रसाद के रूप में नारियल और मिठाई की व्यवस्था की जाती है।

9. कलश और जल: कलश को जल से भरकर उसमें आम के पत्ते और नारियल रखा जाता है, यह शुभता का संकेत है।

10. पंचामृत: दूध, दही, घी, शहद और शक्कर को मिलाकर पंचामृत तैयार किया जाता है।

इन वस्तुओं के माध्यम से माता की चौकी को भव्य और धार्मिक रूप से सजाया जाता है, जिससे पूजा का वातावरण पवित्र और दिव्य बनता है।

माता की चौकी एक धार्मिक और सामाजिक आयोजन है जो विशेष रूप से देवी दुर्गा की आराधना के लिए सजाई जाती है। यह आयोजन अक्सर नवरात्रि के अवसर पर किया जाता है, जो कि देवी दुर्गा के नौ रूपों की आराधना के नौ दिन होते हैं।

माँ  दुर्गा के नौ रुप 

 नवरात्रि के दौरान, माता की चौकी सजाने का उद्देश्य भक्तों को देवी के प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति प्रकट करने का एक माध्यम प्रदान करना है।

माता की चौकी स्थापना कैसे करें 

माता की चौकी आमतौर पर शाम के समय आयोजित की जाती है। इस दौरान देवी दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर को 
एक विशेष स्थान पर स्थापित किया जाता है जिसे फूलों, दीपकों और अन्य सजावटी वस्तुओं से सजाया जाता है। भजन, कीर्तन और आरती के माध्यम से देवी की स्तुति की जाती है, और इस आयोजन में परिवार और मित्रों के 
साथ मिलकर सामूहिक रूप से पूजा की जाती है। यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है, 
बल्कि समाज में एकता और भाईचारे को भी बढ़ावा देता है।

नवरात्रि पर माता की चौकी सजाना एक महत्वपूर्ण और भक्तिभाव से भरा हुआ कार्य है। माता की चौकी सजाने के लिए सबसे पहले एक साफ़ और पवित्र स्थान का चयन करें। वहाँ एक साफ़ चौकी या मेज रखें और इसे लाल या पीले रंग के कपड़े से ढक दें, जो शुभ माने जाते हैं। कपड़े के ऊपर चावल की एक परत बिछाएं और उस पर माता की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।


मूर्ति के सामने एक कलश रखें, जिसे आम तौर पर पानी से भरकर उसके ऊपर आम के पत्ते और नारियल रखा जाता है। यह कलश समृद्धि और शुभता का प्रतीक है। माता की मूर्ति के चारों ओर फूलों की माला सजाएं और दीपक जलाएं। धूपबत्ती और अगरबत्ती जलाकर वातावरण को सुगंधित करें।

इसके अलावा, माता के लिए भोग के रूप में फल, मिठाई और नारियल चढ़ाएं। माता की आरती के समय घंटी और शंख बजाकर वातावरण को भक्तिमय बनाएं। नवरात्रि के नौ दिनों तक प्रतिदिन सुबह और शाम को आरती करें और माता का गुणगान करें। ऐसा करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।

नवरात्री मे माता की चौकी सजाते समय रखें इन बातों का ध्यान 


नवरात्रि के अवसर पर माता की चौकी सजाते समय कई विशेष बातों का ध्यान रखना आवश्यक है, ताकि पूजा पवित्र और मंगलमय रहे। सबसे पहले, चौकी की स्थापना एक स्वच्छ और पवित्र स्थल पर करनी चाहिए। यह स्थल ऐसा हो जहाँ कोई व्यवधान न हो और सभी लोग आसानी से बैठ सकें। चौकी को साफ कपड़े से ढककर उस पर माँ दुर्गा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करना चाहिए।

दूसरी बात, चौकी को सजाते समय रोली, चावल, कलश, नारियल, सुपारी, फूल, और का उपयोग आवश्यक है। कलश में जल भरकर उस पर पान के पत्ते और नारियल रखना अनिवार्य है, क्योंकि यह समृद्धि और शुभता का प्रतीक है। चौकी पर लाल और पीले रंग के कपड़े का प्रयोग शुभ माना जाता है।

तीसरी बात, चौकी के आसपास स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। घरेलू वस्तुएँ जैसे अगरबत्ती, धूप, और दीया को सही रूप से स्थापित करें ताकि पूजा के समय कोई असुविधा न हो। भक्ति और श्रद्धा के साथ आरती और भजन गाने वाली चीजों को भी तैयार रखें।

अंत में, चौकी पर भोग के रूप में प्रसाद का वितरण करें, जिसमें मिश्री, मेवा, और फलों का समावेश हो। प्रसाद 
को पवित्र और स्वच्छ तरीके से बनाएं और सभी भक्तों में वितरित करें। इन सब बातों का ध्यान रखने से नवरात्रि 
पर माता की चौकी समर्पित और शुभ होती है।

माता की चौकी स्थापना स्टेप बाई स्टेप 

विधि (आसान भाषा मे)

 नवरात्री पर माता की चौकी की स्थापना करना बहुत ही अच्छा माना जाता है। ज्यादातर लोग इसको पारम्परिक ढंग से सजाना चाहते हैं, ऐसे सजाने से ये बहुत ही सुन्दर और आकर्षक  लगता है।

चौकी के लिए सही स्थान का चुनाव 

पहले तो घर में शांत और साफ सुथरी जगह देखें,लोगों का मानना है कि आप घर के पूर्व या उत्तर दिशा में चौकी को सजाये। चौकी सजाने के लिए हम पहले एक लकड़ी की चौकी लेंगे, उस पर लाल या पीला कपड़ा बिछाये,ये दोनों ही रंग शुभ माने जाते हैं।

लाल या पीला कपड़ा बिछाने की विधि 

माता की मूर्ति की स्थापना 

माता की चौकी पर माँ का फोटो या मूर्ति रखें,मूर्ति या फोटो के पीछे लाल या पीले रंग की चुनरी या कोई सुन्दर कपड़ा लगाये। साथ ही साथ led light और ताजे फूलों की माला लगाते हैं इससे ये बहुत ट्रेडिशनल लुक देता है।

Mata की मूर्ति की स्थापना 

माता को गहने और मुकुट पहनाकर उनको चुनरी भी पहनाये। जहाँ माता की स्थापना करेंगे वहां आस पास कुछ ताजे फूल से सजावट करें।

कलश स्थापना और नारियल रखने का तरीका 

चौकी पर पूजा की सामिग्री रखना ना भूले,पूजा के सामान में दीपक (देसी घी और सरसों के तेल का) अगरबत्ती या धूपबत्ती, कलश (नारियल और आम के पत्तों के साथ), रोली, चावल (अक्षत ) और फूल, इसके अतिरिक्त प्रसाद (जिसमें हलवा, फल और मिठाई)भोग लगाने के लिए रखते हैं।

दीपक, धूप और फूल - माला से सजावट 

माता की चौकी के आस पास led lights और दीपक से सजावट करें,वहां रंगोली भी बना सकते हैं। इससे वहां का माहौल और भी अच्छा हो जायेगा।चौकी के सामने शंक और पूजा की घंटी भी रखें। रोज पूजा के फूल बदले, मंदिर की सफाई का विशेष ध्यान रखे।अष्ठमी और नवमी पर कन्या पूजन का प्रबंध करें।

Mata के स्वागत मे रंगोली बनाये 

रंगोली भी आप फूल की पंखुड़ी और अलग रंगों की दालो से बना सकते हैं, वैसे तो रंगोली के रंग मार्किट में मिलते हैं, उनसे भी रंगोली बनायी जा सकती है।


जहाँ माता की चौकी स्थापित करें, वहां माता के भजन और मंत्र चला दें।






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