हनुमान जयंती के अवसर पर करें ये खास उपाय हर संकट से मिलेगी मुक्ति


असंभव को संभव करते, भक्तों के दुखों को हरते ऐसे ,

संकटमोचन हनुमान को मेरा बारम्बार प्रणाम 🙏है।।

Hanuman Janmotsav 2026 

हनुमान जयंती को हम हनुमान जी के जन्मदिन के रूप में मनाते हैं। ये जयंती हिन्दुओं का एक 
महत्वपूर्ण पावन पर्व है, जिसको लोग शक्ति, साहस और भक्ति का प्रतीक मानते हैं।

हनुमान जयंती को भारत के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग दिन मनाते हैं, लेकिन फिर भी अधिकांश जगहों पर ये पर्व चैत्र माह की पूर्णिमा को ही मनाया जाता है।चैत्र पूर्णिमा पर माता अंजनी और केसरी के पुत्र बजरंगबली का जन्म हुआ था।हनुमान जी, भगवान शिव के ग्यारवें अवतार हैं और श्रीराम के भक्त माने जाते हैं। इस बार हनुमान जयंती 2 अप्रैल को धूमधाम से मनायीं जायेगी।

संकटमोचन हनुमान जी को बजरंगबली,पवनपुत्र मारुतीनन्दन, अंजनीसुत के नाम से भी जाना 
जाता है। ये अतुलनीय शक्ति और बद्धि के स्वामी माने जाते हैं। भगवान राम के परम भक्त होने 
के कारण इनको रामदूत के नाम भी लोग जानते हैं। रामायण में इनका विशेष योगदान माना
 जाता है।

हनुमान जी कलयुग के ऐसे देवता हैं जिनको एक बार सच्चे मन से पुकारा जाए तो वो अवश्य ही अपने भक्तों
 के संकट दूर करने आते हैं। लोगों का मानना है कि इस युग में हनुमान जी ही ऐसे देवता हैं जिनको अमृतत्व 
का वरदान प्राप्त है जिस कारण कही भी अगर सुन्दरकाण्ड, रामायणका पाठ हनुमान जयंती पर होता है तो
 वो वहाँ अदृश्य रूप से प्रकट हो जाते हैं।

हनुमान जयंती पर क्या करें 

सुबह स्नान करने के बाद हनुमान मंदिर में या फिर घर में ही पूजा करें, पूजा में लाल या पीले वस्त्र पहनना
 शुभ होता है। इस दिन हनुमान चालीसा और सुन्दरकांड का पाठ करना विशेष रूप से फलदायी माना जाता
 है।इसके अतिरिक्त हनुमान जी को नारंगी रंग का सिंदूर और चमेली का तेल भी चढ़ाते हैं। ऐसा माना जाता 
है कि इससे वो खुश होकर आशीर्वाद देते हैं।अगर आप इस दिन व्रत रख सकते हैं तो और भी अच्छा है। 
पूजा के दौरान आप हनुमान जी के मन्त्रों का और भगवान राम का अखंड राम नाम पाठ कर सकते हैं।

ये बहुत ही आसान मंत्र है, लेकिन फिर भी इसका उच्चारण करना कठिन लगता है तो आप
 इस मंत्र का हिंदी में अर्थ पढ़ सकते हैं क्योकि भगवान भाव देखते हैं। 

अगर आप केवल सीताराम का जप कर लें, तो भी हनुमान जी प्रसन्न होकर आपके दुख हर लेंगे, 
क्योकि हनुमान जी तो स्वयं भगवान राम और माता सीता के परम भक्त हैं और वो भी यही जाप 
करते हैं ऐसा लोगों का मानना है।

इसका भी आप पूजा के समय पाठ कर सकते हैं। 

पूजा के बाद प्रसाद में बूंदी या लड्डू, इमरती का भोग लगाये, हनुमान जी को लाल गुलाब अर्पित करें।अंत में, प्रसाद सबको वितरित करें, जरूरतमंदो को अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान अवश्य दें।

हनुमान जयंती का महत्व 

  • इस दिन हनुमान जी का ध्यान करने से भय और संकट से मुक्ति मिलती है।
  • जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है।
  • हमारा आत्मविश्वास व साहस बढ़ता है।



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