सौभाग्य प्राप्ति के लिए हनुमान जयंती पर हनुमान जी के प्रभावशाली मन्त्रों का जाप करें,जिनका जप करने से मिलती है खुशहाली, समृद्धि एवं सफलता


हनुमान जयंती: करें चमत्कारिक मन्त्रों का जाप 

2 अप्रैल को इस बार हनुमान जयंती मनायीं जा रही है, लोग मंदिरों में पूजा पाठ करते हैं, घर में में भी सुंदरकांड के पाठ का आयोजन करते हैं,उसके बाद भंडारा भी होता है। कुछ लोग इस दिन दान देते हैं। ऐसा मानते हैं कि इस दिन अगर हनुमान चालीसा और सुन्दरकांड के अलावा कुछ मन्त्रों का जाप किया जाय तो हर मनोकामना पूर्ण होती है। आज इस आर्टिकल में हम उन मन्त्रों के बारे में चर्चा करेंगे।in मन्त्रों का जप करने से पहले एक घी का दीपक जलाये, अपने मन को शांत और एकाग्र रखकर कम से कम 11, 21 या 108 बार जप करें।

बीज मंत्र 

ये बहुत प्रभावशाली मंत्र है, इसे 108 बार आज के दिन जप सकते हैं। हिन्दू मान्यता के अनुसार, जो 
व्यक्ति हनुमान जी के मस्तक तुलसी पत्र चढ़ाकर इस मंत्र का जप करता है उसके सारे रोग शोक 
और कष्ट समाप्त हो जाते हैं और मनोकामना पूरी होती है।

संकटनाशक मंत्र 
इस मंत्र का जाप हम जीवन की समस्याओं को दूर करने के लिए करते हैं।

।। ॐ नमो भगवते हनुमते नमः।।


बल और बुद्धि के लिए मंत्र 

ये मंत्र हमारे आत्मविश्वास और शक्ति को बढ़ाने में सहायक माना जाता है।
हनुमान गायत्री मंत्र 

अगर आपको कोई परेशानी में हैं और उससे निकलने का रास्ता नहीं समझ आ रहा हो तब
 इस मंत्र का जप करें क्योकि ये मंत्र व्यक्ति को राहु और केतु के कष्टों से भी मुक्ति दिलाता है।
इस मंत्र को लाल रंग के उनी आसन पर बैठकर रुद्राक्ष की माला से करना चाहिए।



इस मंत्र को बहुत श्रद्धा पूर्वक करना चाहिए क्योकि 
बजरंगबली अपने भक्त की मुश्किल को तुरंत ही समाप्त कर देते हैं।
इसके अतिरिक्त हनुमान चालीसा को सुनने या पढ़ने से मन शांत होता है और संकट दूर होते हैं।
"जय हनुमान ज्ञान गुण सागर...." से शुरू होता है। 
जैसा कि हमें पता है कि हनुमान चालीसा कि हर चौपाई महामंत्र की तरह मानी जाती है, ज्यादातर लोग हनुमान जी की पूजा में इसका पाठ करना नहीं भूलते, ऐसा कहा जाता है कि अगर कोई व्यक्ति 100 बार हनुमान चालीसा का पाठ करता है, उसके समस्त दुख ख़त्म हो जाते हैं जैसे कि कहा भी गया है " जो शत बार पाठ कर सोई,
Chutehi बंदी महा सुख होइ "यानि कि यदि हम हनुमान चालीसा को 100 बार एकाग्र चित होकर पदेंगे 
तो समस्त बंधन और कष्टो से मुक्ति पा जायेंगे।
 बजरंग बाण का पाठ विशेष रूप से कठिन समय में किया जाता है।






और हनुमान अष्टक " बाल समय रवि भक्ष लियो.... " से शुरू होता है व ये बहुत प्रभावशाली माना जाता है।

इसके अतिरिक्त यदि आपने सुंदरकांड का आयोजन किया है और अपने मित्रों व रिश्तेदारों को बुलाया है तो आप कुछ भजन भी इस दिन तैयार कर सकते हैं जैसे 

जय हनुमान ज्ञान गुण सागर 
श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में 
हनुमान है नाम महान 


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