आगरा के ताज महल की भांति वृन्दावन का प्रेम मंदिर भी है प्रेम का प्रतीक, एक बार आप भी वहाँ अवश्य जाय!
प्रेम मंदिर : दिव्य प्रेम का मंदिर
वृन्दावन का प्रेम मंदिर राधा कृष्ण के पवित्र प्रेम का प्रतीक है, जब आप वहाँ जायेंगे, तो आपको राम - सीता के दर्शन भी होंगे। वृन्दावन के इस मंदिर में भारत वासियो की ही नहीं बल्कि विदेशी लोग भी दर्शन को लालायित रहते हैं।
यह मंदिर बहुत ही आकर्षक है, इस खूबसूरत मंदिर की ख्याति पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। यहाँ की सुंदरता और शांत वातावरण भक्तों को लुभाता है। इस आर्टिकल में हम इस मंदिर के विषय में चर्चा करेंगे।
मथुरा में भगवान श्री कृष्ण का मंदिर, हिन्दू धर्म के मानने वालों के लिए एक पावन तीर्थस्थल माना जाता है। मथुरा, जो कि उत्तर प्रदेश में है, भगवान श्री कृष्ण की जन्मभूमि के लिए विख्यात है।
यहाँ अनेक मंदिर हैं जिनमें से कुछ बहुत ही प्रसिद्ध हैं।
- श्री कृष्ण जन्मभूमि
- ठाकुर जी का मंदिर
- वृन्दावन का मंदिर परिसर
लेकिन इस लेख में हम नव निर्मित " प्रेम मंदिर " के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगे। प्रेम मंदिर जिसको हम " श्री प्रेम मंदिर " के नाम से भी जानते हैं, भारत के उत्तरप्रदेश
के मथुरा जिले के वृन्दावन में स्थित है। इस मंदिर को प्रेम और भक्ति की प्रतिमा माना जाता है।
इसकी स्थापना 20वीं सदी के अंत में जगतगुरु कृपालु जी महाराज के द्वारा की गयी थी। यह मंदिर कृष्ण और राधा के प्रेम को समर्पित है।
इस मंदिर की वास्तुकला बहुत सुन्दर और भव्य है। यहाँ सफ़ेद संगमरमर शान्ति का वातावरण हर समय रहता है। मंदिर की दीवारों पर राधा कृष्ण की झांकी, मूर्ति को प्रदर्शित किया गया है, जो प्रेम की विविध कहानियों को दर्शाती है।
ये मंदिर श्रद्धालुओं के लिए एक तीर्थस्थल है, जहाँ भक्त गण प्रेम की शक्ति का अहसास करते हैं और राधा कृष्ण की भक्ति में खो जाते हैं।
प्रेम मंदिर में सभी त्योहारों जैसे होली, जन्माष्टमी, राधा अष्ठमी पर विशेष पूजाऔर सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं, इन दिनों बहुत अधिक संख्या में भक्त लोग यहाँ एकत्रित होते हैं।
ये मंदिर वृन्दावन में बना है, वृन्दावन मथुरा से लगभग 15 किलोमीटर दूर है।यहाँ जाने के लिए सड़क, रेल और आगरा (सबसे पास ) हवाई अड्डा है।
दर्शन करने का समय
मंदिर सुबह 8 बजे से लेकर रात कोई 8 बजे तक खुलता है। अगर आप शाम के टाइम मंदिर जाय, तो वहाँ की रोशनी और संगीत का प्रोग्राम बहुत प्रसिद्ध है,इसलिये शाम को 6 बजे के बाद दर्शन करने के लिए कहा जाता है।
अन्य वृन्दावन के धार्मिक स्थान (मंदिर)
- बांके बिहारी मंदिर
- माधव मंदिर
- राधारमन मंदिर
- गोविन्द देव मंदिर
- साईं बाबा मंदिर
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